शेर जंगल का राजा था। उसके पास एक शक्तिशाली आवाज थी और वह खुद को खुश करने और दूसरों को डराने के लिए गरजता था। सभी जानवर उससे बहुत डरते थे। वह जंगल के हर कोने और हर जानवर और उसमें मौजूद हर आवाज को भी जानता था। अब, जंगल के बीच में एक तालाब था। शेर प्रतिदिन पानी पीता था और पीने के बाद कुछ देर के लिए वही सोता था एक दिन, शेर ने पानी पी लिया और तालाब के पास लेट गया। जैसे-जैसे उसकी आँखें बंद हो रही थीं, उसने एक नई आवाज़ सुनी। यह एक बहोत ही अजीब ध्वनि थी। उसने अपनी आँखें खोलीं, लेकिन उसने किसी को नहीं देखा! फिर, उसने वही ध्वनि दूसरी बार सुना, और तीसरी बार। अब तक, शेर डर गया था और डर में सोच रहा था, 'क्या है यह चीज , कहीं भूत तो नहीं?' कुछ समय बाद, एक मेंढक तालाब से रेंग कर बाहर निकला और टर- टर करने लग गया। शेर ने देखा कि वह एक छोटे से प्राणी द्वारा अपने दिमाग में ही डर गया था! वह मेंढक से नाराज हो गया और अपने पंजों से उसे टुकड़े टुकड़े कर दिया। शेर ने उस दिन एक नई आवाज सुनी।
प्रतिदिन आप कुछ ना कुछ सीखते है। आपको कभी घबराना नहीं चाहिए